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बॉलिवुड़िया होली का लाइव प्रसारण

बॉलिवुड की होली खास होती है, आखिर वह सपनों की दुनिया जो ठहरी। तो लीजिए, आज हम आपको वहीं लिए चलते हैं, जहां होली का हुड़दंग शबाब पर है। यह लाइव टेलिकास्ट सिर्फ आपके लिए है, बिल्कुल एक्सक्लूसिव। चूंकि इसमें कुछ एडल्ट कंटेट भी हैं, इसलिए इसे सेंसर बोर्ड ने 'ए' सर्टिफिकेट जारी किया है। जाहिर है, जिन लड़कों की मूंछें नहीं उगी हैं या जिन लड़कियों ने अब तक गुड़ियों के साथ सोना बंद नहीं किया है, उनके लिए यह लेख निषिद्ध है: आज समय हमारे पास भी कम है, इसलिए बिना कोई बाउंड्री बांधे हम आपको सीधे मुंबई लिए चलते हैं। यह झुग्गियों के बीच में गगन चूमती जो इमारतें आपको दिखाई दे रही हैं, इन्हें देखकर आप यह तो समझ ही गए होंगे कि यह अपने देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई ही है। दरअसल, तमाम राजधानियों में झुग्गियों की बहुतायत उस धर्म-पताका की तरह होती है, जो हमेशा यह भान कराती रहती है कि यहां लोगों के पास समानता का अधिकार है। आखिर किस देश में गरीब अमीरों के बराबर में अपनी झुग्गियां बना पाते हैं? खैर, इस बार बॉलिवुड से जुड़ी चार होली हो रही है- अमिताभ की होली, शाहरुख की होली, बॉलिवुड के वंचितों से बाजा...

बजट संग होली: एतना डेडली कंबिनेशन!

बजट के चार दिन बाद होली! यानी उल्लास के महापरब से तुरंत पहले 440 वाट का झटका... ई तो सरासर नाइंसाफी है भाई! हमरे समझ में ई नहीं आ रहा कि बैठकर होली खेलने की पलानिंग करूं या बजट से नून-तेल केतना महंगा-सस्ता हो गया, इसका विश्लेषण। सही बताऊं, तो वित्त मंत्री से सहूलियतों का जेतना अरमान संजोया था, सब बजट भाषण के एक घंटा में चकनाचूर हो गया। अब अगर होली मनाने की चिंता करता हूं, तो बजट पर चिंतन छोड़ना होगा औरो बजट की चिंता करूं, तो होली की तो वाट लगनी तय है! हमरे खयाल से बजट औरो होली एतना करीब नहीं हो, इसके बारे में धरम के ठेकेदारों औरो देश के नीति नियंताओं को गंभीरता से सोचना चाहिए। अब का है कि होली जैसन परब का अगर बजट के चक्कर में गुड़-गोबर हो जाए, तो ठीक नहीं। बजट में तो अब कौनो रस रहा नहीं, होली को काहे नीरस कर रहे हो भाई? साल में एक बार तो होली आती है, उसका भी मजा नहीं लेने दोगे, तो एतना टेंशन में तो आदमी मरिये जाएगा। वैसे, नीति-नियंता बजट की तारीख शायद ही बदल पाए, काहे कि इससे देश का बहुते कुछ जुड़ा होता है, लेकिन हमरे खयाल से धरम के ठेकेदार इस मामले में बहुत कुछ कर सकते हैं। आखिर डेट आ...