Saturday, June 23, 2007

महिला राष्ट्रपति औरो डीवीडी पिलेयर!

हम गए थे एक ठो डीवीडी पिलेयर खरीदने, लेकिन हमको विष्णु शरमा जैसन एक ठो ऐसन दुकानदार भेंटा गया कि उससे पूरा माडर्न पंचतंत्र पढ़कर आ रहा हूं। हमने उससे कहा कि भैया, एक ठो ढंग का डीवीडी पिलेयर चाहिए। उसने बत्तीस ठो गुड़ गोबर कमपनी का डीवीडी पिलेयर दिखा दिया औरो उसकी खासियत भी गिना दी, लेकिन बरांडेड कमपनी का एको ठो नहीं दिखाया।

हमने उससे कहा कि भैया, हम 'महंगा रोए, एक बार' के सिद्धांत में विश्वास करता हूं, इसलिए तनिक बरांडेड डीवीडी पिलेयर दिखाओ। बेचारा, ऐसन उखड़ा कि हम उसके दुकान से बाहर होते-होते बचे। बोला, 'ऐसन है कि आप डीवीडी पिलेयर मांग रहे बरांडेड औरो इसमें डीवीडी चलाइएगा पायरेटेड। बराडेंड डीवीडी पिलेयर में दुनिया का सब डीवीडी चल सकता है, लेकिन पायरेटेड नहीं। आप बजार से ढाई सौ टका वाला ओरिजिनल डीवीडी तो खरीदिएगा नहीं औरो दौड़े आइएगा हमरे पास कि हमने सामान डुपलीकेट पकड़ा दिया। भैया, छोटकी-मोटकी लोकल कंपनी का कोयो डीवीडी पिलेयर ले जाइए, कैसेनो सड़ल डीवीडी लगाइएगा, झक्कास दिखेगा, चाहे ऊ ब्लू हो या हुआइट। बरांडेड चीज लेकर अचार डालिएगा का? दू हजार के इस लोकल कंपनी के डीवीडी पिलेयर पर हम आपको चार साल का गैरान्टी दे सकता हूं, लेकिन चार हजार के बरांडेड कंपनी पर एक साल का मात्र वारंटी दूंगा, गैरान्टी नहीं।'

हमने कहा, 'भैय्या, ई कैसन दुनिया है, बेसी पैसा तो लोग बढ़िया चीज खरीदने के लिए देता है, आप तो उलटे बतिया रहे हैं? बरांडेड महंगा होता है, तो क्वॉलिटी बढ़िया होती है, उसमें पाइरेटेड औरो ओरिजिनल सब डीवीडी चलना चाहिए न, लेकिन आप कह रहे हैं पायरेटेड चलबे नहीं करेगा?'

ऊ कहने लगा, 'आप जेतना भोले हैं, उतने दिखते नहीं! लगता है आपको दूसरे भाषा में समझाना पड़ेगा। आप बरांडेंड और क्वॉलिटी की बात कर रहे हैं, आप एक ठो चीज बताइए- इस देश में केतना सही आदमी, सही जगह पर पहुंच पाता है? आप जेतना बेईमान होइएगा, इस सिस्टम में ओतना रन कीजिएगा। देख लीजिए न, जेतना ईमानदार अफसर होता, सब सचिवालय में बैठकर मक्खी मारता है औरो बेईमान अफसर सब जिला में तैनात होकर मलाई खाता है। मंतरी से लेकर जनता तक ऐसन अफसर से खुश रहते हैं कि चलो, बेसी कानूनची नहीं है, कुछ ले-देकर सब काम कर देता है! तो बेईमान अफसर को आप पायरेटेड सीडी मान सकते हैं, जो बढ़िया व खराब सब सरकार में अपना जुगाड़ फिट कर लेता है औरो हमेशा आबाद रहता है। वैसे, आप तो जानबे करते हैं कि आजकल बढ़िया सरकार होबे कहां करता है!'

हमने उसे रोका, 'सिस्टम खराब की बात मत कहिए, देखिए महिला राष्ट्रपति बस बनने ही वाली है...।'
अब उसने हमको रोका, 'यही तो विडंबना है, जो नेता सब महिलाओं को आज तक संसद में 33 परतिशत आरक्षण नहीं दिला सका, वही अब महिला को राष्ट्रपति बनाने का ढोंग कर रहा है। आपको नहीं पता कि जब मुखर्जी, सिंह औरो पाटिल सरनेम वाले पुरुषों पर सहमित नहीं बनी, तब जाकर ई महिला चौथी च्वाइस बनी औरो आप हैं कि सिस्टम को दाद दे रहे हैं। भैय्या, अपना देश तो ऐसन डीवीडी पिलेयर है, जिसमें ओरिजिनल डीवीडी कभियो चलिए नहीं सकता। सबसे बेसी निकम्मा, यहां सबसे बेसी हिट है। आदमी जेतना पायरेटेड होगा, देश के सिस्टम में ओतना बढ़िया रन करेगा!'
45 डिग्री टैम्परेचर में, ई कुछ बेसिये हाट डिस्कशन हो गया। चलिए, लस्सी पीकर आते हैं।

8 comments:

रवि रतलामी said...

सत्यमेव जयते की जगह अब ये चिरंतन सत्य हो गया है -

"...भैय्या, अपना देश तो ऐसन डीवीडी पिलेयर है, जिसमें ओरिजिनल डीवीडी कभियो चलिए नहीं सकता। सबसे बेसी निकम्मा, यहां सबसे बेसी हिट है। आदमी जेतना पायरेटेड होगा, देश के सिस्टम में ओतना बढ़िया रन करेगा!'..."

खूब कहा!

Neelima said...

अच्छा व्यंग्य किया है हमारे समाज की मानसिकता पर

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छा लिखा है। कटु सत्य! खोटे लोग खरे को बाहर कर देते हैं।

Sanjeet Tripathi said...

बढ़िया!!

Yunus Khan said...

जिन पंक्तियों को रवि भाई ने हाईलाईट किया है, वो इस पूरे लेख की और आपके ब्‍लॉग की उपलब्धि हैं । मुझे परसाई जी के तीखेपन की याद आ गयी । एक सुझाव है मित्र, इन पंक्तियों को अपने ब्‍लॉग पर स्‍थाई रूप से कहीं चिपका लो । कमाल है । वाह वाह वाह ।

चण्डीदत्त शुक्ल-8824696345 said...

बेहतरीन व्यंग्य
जबरदस्त धार
लगे रहो मुन्ना भाई
खुश रहे सरदार

चण्डीदत्त शुक्ल
९३५०८०८९२५

Rakesh Kumar Singh said...

त आउर का चाहते हो भईया कि 'अच्‍छा सामान' ले आओ और बईठ के हम सबको गरियाओ. बढि़या लिखे हो. बधाई लो और लिखते रहो.

तेज नारायण said...

कमाल का लिखे हैं भइया जी... बहुत दिन बाद कौनो ढंग का मैटर पढ़े हैं.. लगे रहिए... बिहारी हिंदी जिंदाबाद...